Banking Gk In Hindi 2017 : Banking gk pdf in Hindi

Banking Gk In Hindi 2017 Banking gk pdf in Hindi Get bank po gk in hindi for all student which are preparing for any bank exam Last Bank Current Affairs

भारत में बैंकिंग :
भारत में बैंकिंग का इतिहास काफी प्राचीन है। भारतीयों द्वारा स्थापित प्रथम बैंकिंग कंपनी अवध कॉमर्शियल बैंक (1881) थी। 1940 के दशक में 588 बैंकों की असफलता के कारण कड़े नियमों की जरूरत महसूस की गई। फलस्वरूप बैंकिंग कंपनी अधिनियम फरवरी 1949 में पारित हुआ, जो बाद में बैंकिंग नियमन अधिनियम के नाम से संशोधित हुआ।
19 जुलाई, 1969 को 14 प्रमुख बैंकों (जिनमें जमा राशि 50 करोड़ रु. से अधिक थी) का राष्ट्रीयकरण किया गया। बाद में अप्रैल 1980 में 6 और बैंकों का भी राष्टरीयकरण किया गया। राष्टरीयकरण के बाद के तीन दशकों में देश में बैंकिंग प्रणाली का असाधारण गति से विस्तार हुआ- भौगोलिक लिहाज से भी और वित्तीय विस्तार की दृष्टिï से भी। 14 अगस्त, 1991 को एक उच्च-स्तरीय समिति वित्तीय प्रणाली के ढांचे, संगठन, कामकाज और प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं की जाँच करने के लिए नियुक्त की गई। एम. नरसिंहम की अध्यक्षता में बनी इस समिति की सिफारिशों के आधार पर 1992-93 में बैंकिंग प्रणाली में व्यापक सुधार किए गए।

Banking Gk In Hindi 2017 Banking gk pdf in Hindi Banking Gk In Hindi Banking gk pdf in Hindi भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम

उद्देश्य और योजना-राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रयोग में आत्मनिर्भरता को प्राप्त करना भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का उद्देश्य है। मुख्य क्षेत्र हैं-1. भिन्न राष्ट्रीय अनुप्रयोग जैसे दूरसंचार, टीवी प्रसारण, आकाशवाणी के लिए उपग्रह सँचार। 2. दूरसंवेदी द्वारा संसाधन सर्वेक्षण और प्रबंधन, पर्यावरण जाँच पड़ताल और मौसम विज्ञान सम्बंधी सेवाएँ। 3. उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए देशी उपग्रहों तथा प्रक्षेपण यानों का विकास।
सरो (ISRO)-1962 ई. में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की स्थापना की गई जब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया। इसके साथ 1969 ई. में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और 1972 में अंतरिक्ष आयोग एवं अंतरिक्ष विभाग जोड़ा गया। अंतरिक्ष अनुसंधान गतिविधियों और अंतरिक्ष अनुप्रयोग कार्यक्रमों की योजना बनाने, निष्पादन और प्रबंधन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जिम्मेदार है।

प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र (Main Atomic Research Center)
1. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha Atomic Research Center) -इसको मुंबई के निकट ट्राम्बे में परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान के रूप में 1957 ई. में स्थापित किया गया और 1967 ई. में इसका नाम बदलकर इसके संस्थापक डा. होमी जहाँगीर भाभा की याद में ‘भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, बार्क’ रख दिया गया। नाभिकीय ऊर्जा और उससे जुड़े अन्य विषयों पर अनुसंधान और विकास कार्य करने के लिए यह प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र है।
2. इंदिरा गाँधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (Indira Gandhi Atomic Research Center- IGCAR ) -1971 ई. में फास्ट ब्रीडर टेक्नोलॉजी के अनुसंधान और विकास के लिए चेन्नई के कालपक्कम में इसकी स्थापना की गई। आई जी सी ए आर ने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एफ बी टी आर को अभिकल्पित किया जो प्लूटोनियम और प्राकृतिक यूरेनियम मूलांश के साथ देशी मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल करता है। इससे भारत को अपने प्रचुर थोरियम संसाधनों से परमाणु ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायता मिलेगी। इस अनुसंधान केंद्र ने देश का पहला न्यूट्रॉन रिएक्टर ‘कामिनी’ को भी विकसित किया। ध्रुव, अप्सरा और साइरस का इस्तेमाल रेडियो आइसोटोप तैयार करने के साथ-साथ परमाणु प्रौद्योगिकियों व पदार्थों में शोध, मूल और व्यावहारिक शोध तथा प्रशिक्षण में किया जाता है। भारत आज विश्व का सातवाँ तथा प्रथम विकासशील देश है जिसके पास उत्कृष्ट फास्ट ब्रीडर प्रजनक प्रौद्योगिकी मौजूद है।

Banking Current Affairs 2017 for IBPS Bank PO, IBPS Bank Clerical, RBI Grade B, SBI PO, RRB and other banking examinations. Banking Current

कर संरचना
भारत की कर संरचना प्रणाली काफी विकसित है। भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुरुप करों व ड्यूटीज को लगाने का अधिकार सरकार के तीनों स्तरों को प्रदान किया गया है। केद्र सरकार जिन करों व ड्यूटीज को लगा सकती है, वे हैं- आयकर ( कृषीय आय पर कर के अतिरिक्त जिसे राज्य सरकार ही लगा सकती है), कस्टम ड्यूटी, सेंट्रल एक्साइज और बिक्रीकर और सेवाकर। राज्य सरकारों द्वारा लगाये जाने वाले प्रमुख कर हैं- बिक्रीकर (वस्तुओं के राज्यों के भीतर बिकने पर लगाया जाने वाला कर), स्टैम्प ड्यूटी (सम्पत्ति के हस्तांतरण पर लगाया जाने वाला कर), स्टेट एक्साइज (शराब के निर्माण पर लगाई जाने वाली ड्यूटी), कर राजस्व (कृषीय व गैर-कृषीय उद्देश्यों के लिए प्रयोग की जाने वाली भूमि पर लगाया जाने वाला कर) व मनोरंजन व प्रोफेशनल्स पर लगाया जाने वाला कर। स्थानीय निकाय सम्पत्तियों पर कर लगाने का अधिकार रखती है (इमारतों इत्यादि पर), चुंगी (स्थानीय निकाय के अधिकार क्षेत्र पर प्रवेश करने वाली वस्तुओं या उपभोग पर लगाया जाने वाला कर), बाजारों पर व जल सप्लाई, सीवर इत्यादि पर लगाया जाने वाला कर।
1991 में देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत के बाद से कर संरचना में भारी परिवर्तन आया है। करों की संख्या पहले से काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। किये गये परिवर्तनों में शामिल हैं- कर संरचना को तार्किक बनाना, कस्टम ड्यूटी, कार्पोरेट टैक्स, कस्टम ड्यूटी में कमी करना जिससे कि वे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों यानि आसियान के समतुल्य हो जाएं, देश में वैट को लागू करना इत्यादि।

Banking Gk In Hindi 2017 : Banking gk pdf in Hindi Monthly GK Capsule in Hindi – April 2017, current affair, april 2017, sbi IBPS Bank Exams, IBPS Bank PO, IBPS Bank Clerk, Current Affairs

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *